सब तो सरल ही था किसी ने समय का विचार उड़ा दिया और सब वक्र हो गया भाग भाग के हम वहीँ पहुंचने लगे अनंत चक्र के चक्कर में अपनी सरलता खो के कल्प सफलता बो के अचानक आसमान में सितारे ज्यादा हैं वहीँ से तो आएं हैं वहीँ तो जाना था पहुंच गए टिमटिमाने संतुलन में ही सरलता है और प्रकृति ही संतुलित है प्रकृति की वक्रता देखिये सरल रेखा इस धरती पर खिंच के तो दिखाइए ? फिर कहियेगा के सब तो सरल ही था।
सुकून इस बात का है के कुछ पेड़ तो लगाए थे ! देखभाल भी की वो फले फुले, आज भी कुछ बचे हैं बड़ा हुआ तो पता चला के पेड़ बस ऑक्सीजन देते हैं जो खाना पचाने मे काम आता है तो लगा के ऑक्सीजन का करूंगा क्या जब पेट मे खाना ही नहीं रहेगा तो पेट भरने निकल गया पेड़ वहीं रह गए कुछ काट दिए गए कुछ अभी भी ऑक्सीजेन दे रहें हैं और आज भी मेरा खाना ऑक्सीजेन से ही पचता है |
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